Home » India » सॉफ्टवेयर पायरेसी में गिरावट आई

 

मुंबई. सूचना प्रौद्योगिकी एवं सरकार की भागीदारी और लैपटॉप की बढ़ी बिक्री के कारण पिछले वर्ष भारत में सॉफ्टवेयर पायरेसी की दर 68 फीसदी से घटकर 65 फीसदी रह गई। सॉफ्टवेयर पायरेसी पर नजर रखने वाली संस्था बीएसए इंडिया की निदेशक लिजुम मिश्रा ने बताया है कि भारत के अलावा चिली, कनाडा में भी सॉफ्टवेयर पायरेसी में गिरावट आयी है।

 

सुश्री मिश्रा ने इस क्षेत्न में केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के साथ निजी क्षेत्न के प्रयासों की भी सराहना की। जिससे अधिक लोग असली साफ्टवेयर का इस्तेमाल करने लगे हैं। सुश्री मिश्रा के अनुसार यह डाटा की सुरक्षा, वायरस, साइबर है¨कग के लिए भी जरूरी है।

 

उल्लेखनीय है कि पिछले साल भारत में आये 96 लाख कंप्यूटरों में से 30 फीसदी हिस्सा लैपटॉप का था, जिनमें पहले से सॉफ्टवेयर लोड होता है। सुश्री मिश्रा के अनुसार ई. गर्वर्नेस में राष्ट्रीय सरक्षा एक प्रमुख चिंता है और इसीलिये बीएसए सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्न में असली सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर जोर देती है।

 

वैसे एशिया पैसफिक क्षेत्न में देखा जाये तो सॉफ्टवेयर पायरेसी के मामले में चीन भारत से ऊपर है और वहां सॉफ्टवेयर पायरेसी की दर 79 फीसदी है जबकि आस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और वियतनाम में भारत के मुकाबले सॉफ्टवेयर पायरेसी कम होती है।

 

सुश्री मिश्रा के अनुसार केंद्र सरकार को इस दिशा में कुछ ठोस कदम उठाने होंगे जैसे पायरेसी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर एक टास्क फोर्स का गठन किया जाये और बौद्धिक संपदा पर राष्ट्रीय पॉलिसी बनायी जाये। इसके अलावा इंटरनेट प्रोटोकॉल अतिक्रमण के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें गठित किए जाने पर भी गोर दिया गया।

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