Home » India » सचिन ने दोहरा शतक राष्ट्र के नाम समर्पित किया

एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में पहली दफा दोहरा शतक लगानेवाले प्रसिद्ध बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपनी इस उपलब्धि को राष्ट्र के नाम समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ही बनते हैं, वैसे मैंने सोचा नहीं था कि मैं इस मैच में 200 रन बनाऊंगा।

ग्वालियर एकदिवसीय मैच 153 रनों से जीतने के बाद सचिन ने कहा कि मैं अपने इस दोहरे शतक के रिकॉर्ड को राष्ट्र के नाम समर्पित करता हूं, साथ ही मुझे इस मुकाम तक पहुंचानेवाले अपने सभी शुभचिंतकों का भी मैं धन्यवाद करता हूं।

सचिन ने कहा कि यह दोहरा शतक सभी भारतीयों को समर्पित है जो पिछले बीस साल से मेरे साथ बने हुए हैं। 

सचिन ने कहा, “मैं रिकॉर्ड को लक्ष्य बनाकर नहीं खेल रहा था। यह मेरे खेल के प्रति मेरा समर्पण था। मैं अभी भी अपने खेल का आनंद ले रहा हूं और ऐसा ही आगे भी करते रहना चाहूंगा।”

उन्होंने कहा कि बगैर टीम के समर्थन के यह सम्भव नहीं था। 50 ओवरों तक खेलते रहना एक अच्छा और सुखद अनुभव रहा।

सचिन वनडे में दोहरा शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज

उन्होंने कहा, “200 रन बनाना मैंने सोचा नहीं था, लेकिन जब मैं इसके करीब पहुंचा तो लगा यह अच्छा मौका है दोहरे शतक का, फिर मैंने सिंगल पर अपना ध्यान केंद्रित किया। जब 199 के स्कोर पर पहुंचा तो मैं खुद पर किसी भी प्रकार का दबाव महसूस नहीं कर रहा था।”

उन्होंने कहा, “जब तक दिल कहेगा तब तक मैं खेलूंगा। मैं अभी भी अपने खेल का पूरा आनंद ले रहा हूं।”

उल्लेखनीय है कि सचिन ने बुधवार को ग्वालियर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए श्रृंखला के दूसरे एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक जड़ा। ऐसा करनेवाले वे विश्व के पहले बल्लेबाज हैं। उनकी इस उपलब्धि को शिरोधार्य करते हुए ग्वालियर क्रिकेट संघ ने एक चांदी का बल्ला भेंट किया और साथ ही स्टेडियम के एक पैवेलियन को उनके नाम करने की घोषणा की।

सचिन ने कई दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ग्वालियर के कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में सचिन ने एकदिवसीय क्रिकेट मैच का पहला दोहरा शतक जमाकर इतिहास रचा और कई खिलाड़ियों के सर्वाधिक रन के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया, जिनमें उनका अपना रिकॉर्ड भी शामिल है। सचिन ने 147 गेंदों में 200 रन बनाए, जिसमें 25 चौके और तीन छक्के शामिल थे।

सचिन से पहले 16 अगस्त 2009 को जिंबाब्वे के चार्ल्स कोवेंट्री ने बुलावायो में बांग्लादेश के खिलाफ 156 गेंदों पर 194 नाबाद रन ठोंककर एकदिवसीय क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी के सईद अनवर के रिकॉर्ड की बराबरी की थी।

सचिन के नाम और भी कई शानदार पारियां दर्ज हैं

पाकिस्तान के सईद अनवर ने 21 मई 1997 को भारत के खिलाफ चेन्नई में 146 गेंदों पर 194 रन ठोंककर एकदिवसीय क्रिकेट में नया इतिहास रचा था।

अनवर ने वेस्टइंडीज के विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ा था, जिन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध 31 मई 1984 को 170 गेंदों पर नाबाद 189 रन बनाए थे।

श्रीलंकाई बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने 29 अक्टूबर 2000 को रिचर्ड्स के रिकॉर्ड की बराबरी की थी, जब उन्होंने भारत के खिलाफ शारजाह में 161 गेंदों में 189 रन ठोंक दिए थे।

भारतीय टीम के मौजूदा कोच और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज रहे गैरी कर्स्टन इस मामले में सनथ जयसूर्या से एक रन पीछे हैं। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के विरुद्ध रावलपिंडी में 16 फरवरी 1996 को 159 गेंदों पर नाबाद 188 रन बनाए थे।
 

अंतरराष्‍ट्रीय वनडे क्रिकेट की शीर्ष 10 पारियां

एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत पारियां इस प्रकार हैं.
नाबाद 200 रन- सचिन तेंदुलकर (भारत) बनाम दक्षिण अफ्रीका, ग्वालियर, 24 फरवरी 2010

नाबाद 194 रन- चार्ल्स कोवेंट्री (जिम्बाब्वे) बनाम बांग्लादेश, बुलावायो, 16 अगस्त 2009

194 रन- सईद अनवर (पाकिस्‍तान) बनाम भारत, चेन्नई, 21 मई 1997

नाबाद 189 रन- विव रिचर्डस (वेस्‍टइंडीज) बनाम इंग्लैंड, मैनचेस्टर, 31 मई 1984

189 रन- सनत जयसूर्या (श्रीलंका) बनाम भारत, शारजाह, 29 अक्‍टूबर, 2000

नाबाद 188 रन- गैरी कस्टर्न (दक्षिण अफ्रीका) बनाम संयुक्त अरब अमीरात, रावलपिंडी, 16 फरवरी 1996

नाबाद 186 रन- सचिन तेंदुलकर (भारत) बनाम न्यूजीलैंड, हैदराबाद, 8 नवंबर, 1999

नाबाद 183 रन- महेंद्र सिंह धोनी (भारत) बनाम श्रीलंका, जयपुर, 31 अक्‍टूबर, 2005

183 रन- सौरव गांगुली (भारत) बनाम श्रीलंका, टांटन, 26 मई, 1999

नाबाद 181 रन- मैथ्यू हेडन (आस्ट्रेलिया) बनाम न्यूजीलैंड, हैमिल्टन, 20 फरवरी, 2007

181 रन- विव रिचर्डस (वेस्‍टइंडीज) बनाम श्रीलंका, कराची, 13 अक्‍टूबर, 1987

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