Home » India » प्रणब के पिटारे से निकला लोक लुभावन बजट
देश के वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज आम बजट 2010-11 लोकसभा में पेश कर दिया। दोपहर करीब 11 बजे उन्होंने अपना बजट भाषण आरंभ किया। जो करीब पौने दो घंटे चला। मुखर्जी इससे पहले चार बार बजट पेश कर चुके हैं। भाषण में वित्तमंत्री ने कहा कि पिछले साल वैश्विक मंदी के चलते हमने बुरा वक्त देखा लेकिन हम उससे उबरने में कामयाब रहे हालांकि अब भी हमारे लिए चुनौतियां बाकी हैं। सरकार ने आयकर छूट की सीमा बढ़ा दी है। होम लोन पर सब्सिडी को जारी रखा है। समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को ब्याज दर में दो फीसदी की छूट का ऐलान किया है। पेट्रोल, डीजल सहित तमाम पेट्रोलियम उत्पादों को महंगा कर दिया है। सीमेंट और बड़ी कारें भी महंगी कर दी गई हैं। इसके अलावा तंबाकू, सिगरेट, गुटखा के दाम भी बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल की कीमत बढ़ाने के विरोध में विपक्ष ने लोकसभा में खूब हंगामा किया और वॉकआउट कर दिया इसके बावजूद प्रणब का बजट भाषण जारी रहा।

बजट में की जा रही प्रमुख घोषणाएं यहां दी जा रही हैं।

  • आयकर का सिंगल विंडो सिस्टम चार और शहरों में लागू होगा। 
  • अगले साल से आयकर फार्म सरल-2 फिर से मुहैया होंगे। जो दो पन्ने के होंगे। 
  • आयकर छूट की सीमा दस हजार रुपये बढ़ी।
  • एक लाख 60 हजार रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं। 
  • 1.6 से 5 लाख तक की आमदनी पर 10 फीसदी टैक्स।
  • 5 से 8 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसदी टैक्स।
  • 8 लाख से अधिक की आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स।
  • 80c की टैक्स छूट सीमा एक लाख बीस हजार तक बढ़ी
  • सीमेंट, बड़ी कारें महंगी हुईं।
  • सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला महंगा।
  • पेट्रोल-डीजल महंगे।  
  • सीएनजी इंजन सस्ता।
  • कृषि ट्रॉली सस्ती।
  • विदेश कृषि मशीनें सस्ती।
  • कोयला महंगा।
  • गहने महंगे।
  • मेडिकल उपकरण सस्ते।
  • सोना, चांदी, प्लेनिटम महंगा।
  • माइक्रोवेव, खिलौने सस्ते। 
  • सेट टॉप बॉक्स सस्ता।
  • रेडीमेड कपड़े सस्ते।

  • हमने पिछले साल मुश्किल वक्त देखा था।  
  • हम मंदी से उबरने में कामयाब रहे हैं लेकिन चुनौतियां अभी बाकी हैं।

  • हमारा लक्ष्य विकास दर को 9 फीसदी करना और उसे दोहरे अंक में ले जाना है।
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  • दिसंबर में हमने इसे लगभग नौ फीसदी तक पहुंचा दिया
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  • आर्थिक सर्वे में सरकार ने पिछले कुछ महीने की देश की वित्तीय स्थिति का पूरा खाका पेश कर दिया है।
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  • हमें खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का ध्यान रखना था और आगे भी रखना है।
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  • तीसरी चुनौती प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर कमजोरियों को दूर करना है।
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  • हम उन चुनिंदा देशों में शामिल हैं जिन्होंने वैश्विक मंदी का अच्छे से सामना किया।
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  • इसमें हमारी आर्थिक नीतियों की अहम भूमिका है।
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  • जीडीपी ग्रोथ में बढ़ोतरी हुई है और ये अनुमान से बेहतर हैं।
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  • हम सिम्पल टैक्स सिस्टम लागू करना चाहते हैं और इसके लिए डायरेक्ट टैक्स कोड पर काम जारी है।
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  • नया डायरेक्ट टैक्स कोड अप्रैल 2011 से।
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  • सरकारी कम्पनियों के विनिवेश से आए पैसे का सामाजिक नीतियों और योजनाओं में इस्तेमाल होगा
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  • सरकार की पांच कम्पनियों की बुक वैल्यू में पांच गुना इजाफा हुआ है।
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  • खाद्य क्षेत्र में छूट की हमने घोषणा की थी और उस की समीक्षा कर हम उसमें और भी अन्य उत्पाद को शामिल करेंगे।
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  • पोषण आधारित सब्सिडी नीति अगले साल अप्रैल से लागू होगी।
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  • तेल पदार्थों की कीमतों पर पारिख कमेटी की सिफारिशों पर तेल मंत्रालय फैसला लेगा।
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  • बीते साल में विदेशी निवेश ठीकठाक रहा है।
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  • हम विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एफडीआई पालिसी की समीक्षा करते रहे हैं और अन्य कदम भी उठाए जाएंगे।
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  • प्राइसिंग और पेमेंट के क्षेत्र में अधिक सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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  • वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए हम विकास परिषद का गठन कर इस पर नजर रखेंगे।
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  • वित्तीय स्थायित्व परिषद सभी आर्थिक मामलों पर नजर रखेगी।
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  • बैंक और बैंकिंग सर्विसेज में सुधार जारी है और निजी क्षेत्र में और लाइसेंस देने की शुरुआत की जा रही है।
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  • सरकारी बैंकों की मदद के लिए हम करीब 16.5 हजार करोड़ रुपए और जारी करेंगे।
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  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सरकारी बैंकों को मजबूत किया जाएगा।
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  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को और मजबूत बनाया जाएगा।
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  • हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट में एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं दी जाएंगी।
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  • सरकार एसईजेड के विकास को जारी रखेगी।
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  • समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को दो फीसदी ब्याज दर की छूट।
  • कृषि ऋण का लक्ष्य बढ़ाकर तीन लाख 75 हजार करोड़ किया।
  • रेलवे को 950 करोड़ रुपये ज्यादा कुल 16752 करोड़ रुपये का कर्ज।
  • फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को मदद।
  • रोज बीस किमी राजमार्ग बनाने का लक्ष्य।
  • गोवा में पर्यावरण के लिए 200 करोड़ का पैकेज।
  • गंगा की सफाई के लिए 500 करोड़ रुपये।
  • बिजली क्षेत्र को दोगुनी 5130 करोड़ रुपये की मदद।
  • दिल्ली-मुंबई औद्योगिर कॉरिडोर बनेगा।
  • 60000 दलहन और तिलहन ग्राम बनाए जाने की योजना।
  • जलवायु अनुकूलन के लिए 2000 करोड़ रुपए कृषि क्षेत्र के लिए।
  • देश के पूर्व क्षेत्रों में हरित क्रांति का विकास होगा।
  • सौर ऊर्जा के लिए एक हजार करोड़ रुपये। 
  • होम लोन पर सब्सिडी जारी।
  • 10 लाख रुपये तक के लोन पर सब्सिडी।
  • शहरी विकास योजना का खर्च 75 फीसदी बढ़ा।
  • नरेगा के लिए 41200 करोड़।  
  • बुंदेलखंड के लिए 12000 करोड़ रुपये का पैकेज।
  • भारत निर्माण योजना के लिए 48000 करोड़ रुपये।

  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 22300 करोड़ रुपये।  
  • खाद्य सुरक्षा के लिए एक नया बिल लाया जाएगा।
  • 66100 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास के लिए।
  • स्कूली शिक्षा के लिए 31036 करोड़ रुपये।
  • देश भर का हेल्थ सर्वे कराया जाएगा।
  • हाईवे निर्माण के लिए 2000 करोड़ रुपये।  
  • हर 2000 की आबादी पर एक बैंक की योजना।
  • इसी साल से मिलेगा यूनीक आईडी कार्ड।
  • रुपये के लिए नए चिह्न की तलाश। डिजाइन पर काम जारी।
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  • रक्षा के लिए एक लाख 47 हजार करोड़।
  • पिछड़े जिलों के विकास के लिए 73 हजार करोड़ रुपए।
  • बीपीएल वर्करों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा की योजना।
  • नरेगा में 15 दिन से ज्यादा काम करने वालों का बीमा।
  • राजीव आवास योजना को 700 फीसदी ज्यादा मदद।
  • गैर संगठित क्षेत्र के वर्कर के लिए सोशल सिक्योरिटी फंड को एक हजार करोड़ रुपये।
  • बुजुर्गों के नए पेंशन खाते में एक हजार रुपये सरकार देगी।
  • महिला और बाल विकास के लिए खर्च 50 फीसदी बढ़ा।
  • अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को 2600 करोड़ की मदद।
  • कपड़ा मंत्रालय पांच साल में तीस लाख लोगों को ट्रेनिंग देगा।
  • एनआईए के गठन से आंतक और हिंसा की घटनाओं में कमी आई।
  • एनआईए को और मजबूत किया जाएगा 2 हजार युवाओं को सीपीएमएफ में शामिल किया जाएगा।
  • योजना आयोग नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए अलग से पैकेज बनाएगा।
  • राजकोषीय घाटा काबू करने की कोशिश की और ये 5.5 फीसदी रहने की उम्मीद।
  •  राजकोषीय घाटा चिंता का विषय था लेकिन इसे हमने 7.8 से घटाकर अब 6.9 फीसदी कर दिया है।

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